कुषाण कल में मथुरा से मिली शैव प्रतिमा

कुषाण कल में मथुरा से मिली शैव प्रतिमा

✍️ लेखक: सनातन समीक्षा शोध संस्थान

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सनातन समीक्षा एक शोध-आधारित ई-बुक मंच है, जो भारत के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व, धर्म और संस्कृति से जुड़े विषयों पर प्रामाणिक, तथ्यों और शिलालेखीय/पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित शोध-ग्रंथ पाठकों तक पहुँचाता है। हमारा उद्देश्य है — इतिहास को किंवदंतियों से…

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कुषाण काल में मथुरा से मिली शैव प्रतिमा" प्राचीन भारतीय कला, धर्म और मूर्तिशिल्प के एक महत्वपूर्ण पक्ष का अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें कुषाण काल के दौरान मथुरा क्षेत्र से प्राप्त शैव प्रतिमा का ऐतिहासिक, पुरातात्त्विक तथा कलात्मक विश्लेषण किया गया है। साथ ही प्रतिमा की शैली, प्रतीकों, अभिलेखीय एवं साहित्यिक साक्ष्यों के आधार पर उस समय शैव धर्म की स्थिति और विकास को समझने का प्रयास किया गया है। यह प्रस्तुति इतिहास, पुरातत्त्व और भारतीय संस्कृति के अध्ययन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी एवं शोधपरक सामग्री प्रदान करती है।

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